श्रेणी: Uncategorized
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कागज़, कोट और चक्रव्यूह
11th November, 2025
उच्च न्यायालय, इलाहाबाद, भारत की हर संस्थागत इकाई की तरह, अपने आप में एक आत्मनिर्भर , आत्मसमाहित अर्थव्यवस्था है, जो न्यायालय के परिसर की 2 km की त्रिज्या में सुबह 8-9 बजे की उथल पुथल में जमाई जाती है और रात को 8-9 बजे बटोर कर पान की पीकों और election के पर्चों सहित अपने…
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कुछ समय के लिए देवरिया
11th November, 2025
किसी भी प्रशासनिक अधिकारी के लिए उसकी पहली पोस्टिंग कई मायनों में अहम होती है। आख़िर यह सेवा है क्या – पहली बार इसके सम्बन्ध में स्वयं की आदर्शवादी उपधारणाएँ व प्रकल्पनाएँ- इसकी हक़ीकत की पहेलियों से रूबरू होती है। तंत्र, समय व समाज के निरंतर चक्र से उपजी इसकी कुछ वीभत्स, तो कुछ हास्यास्पद…
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कविता
11th November, 2025
सिर्फ प्रेम का इज़हार नहीं, सिर्फ वसंत की फुहार नहीं,सिर्फ वर्षा का झंकार नहीं, सिर्फ अलंकारों का अंबार नही। यह एकांत का उपहार भी है, यह उम्र का उधार भी है,सन्नाटे का संहार भी है, शब्दों का व्यापार भी है। एक व्याकुल पुकार, सिहरता अंगार भी है,भाव, आवेग, आवेशों को द्वारआंसुओं का आकार, अंतरद्वंद की…